टूल्स

नेगेटिव मार्किंग के साथ परीक्षा स्कोर कैलकुलेटर

आंसर की आने के बाद सबसे पहले अपना कच्चा स्कोर जानना होता है। अपने उत्तरों को की से मिलाएं, सही और गलत उत्तर गिनें, और उन्हें यहां सही उत्तर के अंक और गलत उत्तर की कटौती के साथ डालें। सूची से परीक्षा चुनें तो आधिकारिक परीक्षा पैटर्न से उसके प्रश्नों और अंकों की संख्या भर जाती है, या किसी दूसरे पेपर के लिए संख्याएं खुद डालें।

आपका कच्चा स्कोर0 / 100
  • 0हल किए
  • 100छोड़े
  • —सटीकता
  • −0नेगेटिव मार्किंग से कटे

इस्तेमाल कैसे करें

  1. अपनी परीक्षा और पेपर चुनें, या “कस्टम” रखकर प्रश्नों की संख्या और प्रति प्रश्न अंक डालें।
  2. हर गलत उत्तर पर कटने वाले अंक डालें, जैसे आपकी अधिसूचना में छपे हैं।
  3. कितने उत्तर की से मिलते हैं और कितने नहीं, यह डालें। छोड़े गए प्रश्न शून्य गिने जाते हैं।

स्कोर कैसे निकाला जाता है

स्कोर = (सही उत्तर × प्रति प्रश्न अंक) − (गलत उत्तर × प्रति गलत उत्तर कटौती)। 2-2 अंक के 100 प्रश्नों में, हर गलत उत्तर पर 0.5 अंक कटने पर, 70 सही और 12 गलत से 200 में से 140 − 6 = 134 अंक बनते हैं। छोड़े गए प्रश्न पर न अंक मिलते हैं, न कटते हैं।

कच्चा स्कोर और अंतिम अंक

यह प्रोविजनल की से आपका कच्चा स्कोर है। कई शिफ्टों में होने वाली परीक्षाओं में अक्सर अंकों का नॉर्मलाइज़ेशन होता है, और आपत्तियों के बाद फाइनल की में कुछ उत्तर बदल सकते हैं, इसलिए अंतिम अंक थोड़े अलग हो सकते हैं। नेगेटिव मार्किंग अपने आप नहीं भरी जाती: अपनी अधिसूचना देखें, क्योंकि यह हर परीक्षा में, और कभी-कभी एक ही परीक्षा के अलग पेपर में, अलग होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सही और गलत उत्तर कैसे गिनें?

आधिकारिक आंसर की लिंक से अपनी रिस्पॉन्स शीट डाउनलोड करें, हर उत्तर को की से मिलाएं, और मेल खाने व न खाने वाले उत्तर गिनें। जो प्रश्न आपने नहीं किए, उन्हें छोड़ दें।

परीक्षा प्रीसेट कहां से आते हैं?

हर आधिकारिक अधिसूचना में छपे परीक्षा पैटर्न से, जैसा परीक्षा पेज पर दिखाया गया है। प्रीसेट तभी दिखता है जब उस पेपर के हर खंड में प्रति प्रश्न अंक बराबर हों।

नेगेटिव मार्किंग अपने आप क्यों नहीं भरी जाती?

यह हर परीक्षा और पेपर में अलग होती है, और गलत मान से स्कोर गलत आएगा। अपनी अधिसूचना में छपी कटौती डालें; परीक्षा पेज के एफएक्यू में यह आमतौर पर लिखी होती है।

क्या मेरा अंतिम स्कोर इतना ही आएगा?

यह प्रोविजनल की पर आपके कच्चे स्कोर से मेल खाता है। शिफ्टों के बीच नॉर्मलाइज़ेशन और फाइनल की में बदलाव से अंतिम अंक बदल सकते हैं।